Frequently Asked Question (FAQ)


ज़िला प्रशासन से प्राप्त समस्याएं एवं उनका तकनिकी निराकरण


क्र. संचालन सम्बन्धी कठिनाईयाँ तकनिकी निराकरण
1 वर्तमान ई-खसरा परियोजना हेतु तैयार सॉफ्टवेयर में से किसी भी न्यायालयीन आदेश तथा नामांतरण, बटवारा आदि को अद्यतन/अमल करने के लिये आवेदक अथवा पटवारी व्दारा रिक्वेस्ट दर्ज की जाती है जिस पर तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार व्दारा अपने यूज़र लाग-इन एवं पासवर्ड से उक्त रिक्वेस्ट को स्वीकार अथवा निरस्त करना होता है। जो रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली जाती है, उसे पटवारी अपने लॉगिन एवं पासवर्ड से आनलाईन संशोधित/दर्ज करते है। इसके पश्चात तहसीलदार डिजीटल हस्ताक्षर करते है, तत्पश्चात अद्यतन अभिलेख नकल देने हेतु जेनरेट होता है। उपरोक्त प्रकिया में आवेदन किस स्तर पर लंबित है इस हेतु ई-खसरा सॉफ्टवेयर में मॉनीटरिंग का कोई प्रावधन नहीं किया गया है । वेब साइट के Home Page पर रिक्वेस्ट आई.डी. के ट्रेकिंग की सुविधा दी गई है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि आवेदन किस स्तर पर लंबित है। नामान्तरण बटवारा तथा खसरा रिपोर्ट के अन्दर विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट्स का समावेश किया गया है, जिसके द्वारा मॉनीटरिंग की जा सकती है, जैसे,
  • Bucket wise नामांतरण, बटवारा आदि के आवेदन की स्थिति
  • किस स्तर/उपयोगकर्ता पर कितने आवेदन लंबित हैं, आदि
2 ई-खसरा परियोजना में वर्तमान वर्ष 2015-16 का अभिलेख डिजिटली हस्ताक्षरित किया गया है। जबकि इसके पूर्व वर्ष 2010 से 2015 तक अभिलेख डिजिटली हस्ताक्षिरत नहीं है । साथ ही जो राजस्व रिकार्ड आनलाइन किया गया है वह 20/01/2015 तक की स्थिती का है। दिनांक 01.02.2015 से 30.04.2015 तक किये गये संशोधन को भी साफ्टवेयर में आनलाइन नही किया गया है दोनों ही स्थितियों में संबंधित कृषक व्दारा अपनी भूमि के संबंध मे अभिलेख की मांग की जाने पर डिजिटल हस्ताक्षर संबंधी पूरी प्रक्रिया को नये सिरे से करना होगा। सेन्ट्रल सर्वर पर डाटा अपलोड करने के लिए वेण्डर को डाटा उपलब्ध करने के दिनांक से, जिले में वेब बेस्ड जी.आई.एस. एप्लीकेशन लागू होने के दिनांक तक अभिलेख में हुए समस्त संशोधनों को विभागीय अमले द्वारा बैकलॉग मॉड्यूल से संशोधित कर उन्हें डिजिटली हस्ताक्षरित कराना होगा। प्रत्येक जिले में लगभग 8-10 लाख खसरे तथा इतने ही नक्शे हैं तथा इनकी लगभग 50% बी-1 है। पूर्व के वर्षों के इन सभी अभिलेखों को डिजिटली हस्ताक्षरित कराने में अधिक समय लगेगा। विगत वर्षों के अभिलेख, रिक्वेस्ट के आधार पर डिजिटली हस्ताक्षरित कर कृषकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान वर्ष के सभी अभिलेखों को डिजिटली हस्ताक्षरित करा कर सेन्ट्रल सर्वर पर अपलोड किया गया है।
3 ई-खसरा परियोजना में अभिलेख अद्यतन करने की प्रकिया में सर्वर पर एक प्रविष्टि की समय सीमा लगभग 10 मिनिट निर्धारित है। बड़े नामांतरण/ बटवारे जिनमें कई सारे खसरा नं. सम्मिलित होते हैं, के अपडेशन हेतु प्रायःअनुभव किया गया है कि सर्वर ही लागआउट को जाता है। सर्वर पर अनावश्यक लोड न पड़े, इसलिए सेशन आउट होने का समय 10 मिनट निर्धारित किया गया है। सेशन लॉगआउट होने की समय-सीमा बढ़ाकर 20 मिनट किया गया है |
4 वर्तमान साफ्टवेयर नें उड़ान खसरा नम्बर एवं शामिल खसरा नम्बरों का बंटाकन दर्ज नहीं हो पाता है। उड़ान खसरा नम्बर के लिए कार्य प्रगति पर है। शामिल खसरे का समावेश वेब जी.आई.एस. में किया गया है। इसके लिए कृपया लॉगिन के पश्चात Help का उपयोग करें।
5 खसरा नबंरो के बटान मे पूर्व से दर्ज क,ख,ग,ध इत्यादि आने के कारण इस प्रकार के बटान खसरे में दर्ज नहीं हो पाते हैं। नक्शे में क, ख, ग, घ, मिन इत्यादि का उपयोग निषेध है। भविष्य में सर्वे / री-सर्वे एक्टिविटी के अन्तर्गत तैयार होने वाले डिजिटल नक्शों को एप्लीकेशन से जोड़ा जाना है। नेशनल रिमोट सेन्सिंग सेन्टर, हैदराबाद द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा डाटा अन्तर्राष्ट्रीय मानकों पर कार्य करता है। पूर्व में जिलों द्वारा अपने अनुसार सर्वे नम्बर दिए गए हैं। इन सभी को एकरूपता देने के लिए वेब जी.आई.एस. में प्रयास किए गए हैं। वेब बेस्ड जी.आई.एस. एप्लीकेशन में खसरा नम्बरों के बटान में पूर्व से दर्ज क, ख, ग, घ आदि के सुधार की प्रक्रिया निम्नानुसार निर्धारित है- ऐसे खसरों को, "खसरा संख्या सुधार" ऑप्शन में जा कर सुधार करेंगे। इसके बाद सुधारे गए खसरे को नक्शे से लिंक करेंगे। भविष्य में किसी सर्वे नम्बर के बटवारे के समय सिस्टम द्वारा स्वत: क्रमवार नम्बर दिए जाएंगे।
6 खसरे मे दर्ज अहस्तांतरणीय शब्द की प्रविष्टि खतौनी मे दर्ज होकर नहीं आती है। पूर्व डाटा को ही सेन्ट्रल सर्वर पर अपलोड कर उसका डिजिटल वेरीफिकेशन कराया गया है। नए सॉफ्टवेयर में अहस्तांतरणीय शब्द की प्रविष्टि खसरे एवं खतौनी दोनों में दर्ज होती है।
7 नये खसरा नम्बरों का अपडेशन नहीं हो पा रहा है। एप्लीकेशन में नया खसरा नम्बर जोड़ने के अधिकार तहसीलदार को दिए गए हैं। "नया खसरा नम्बर जोडें" मॉड्यूल तहसीलदार लॉगिन पर उपलब्ध है।
8 शासकीय खसरा नम्बरों की नोईयत ग्राम के खसरा प्रिन्ट मे लिखी हुई नहीं आ रही है, जैसे- मरघट, चरनोई, आबादी, खाल खद्घड़ एवं अन्य। यह समस्या गिरदावरी के लिए पटवारी को दिए जा रहे ई-बस्ता सुविधा में प्राप्त हुई थी, जिसका निराकरण कर दिया गया है |
9 बंधकयुक्त एवं बंधक की एन्ट्री के संबंध में संपूर्ण खाते की बंधक राशि को प्रत्येक नबंर के रकवे के साथ लिखा जा रहा है जो व्यवहारिक नही है। कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए यह सुविधा वेब बेस्ड जी.आई.एस. एप्लीकेशन में दी गई है। भविष्य में बैंक द्वारा ही भूमि को बंधक / बंधक मुक्त किया जाएगा।
10 जो सर्वे पहले से मिन/ में से नंबर मे प्रदर्शित हो रहा है। उसका बंटाकन के बाद मे मिन/में से शब्द नहीं हट रहे हैं। नक्शे में क, ख, ग, घ, मिन इत्यादि का उपयोग निषेध है। एप्लीकेशन में खसरा संख्या सुधार मॉड्यूल का उपयोग कर खसरों में सुधार कर बटांकन किया जा सकता है।
11 किसी भी एक सर्वे नबंर मे अगर अलग एक से अधिक रजिस्ट्रियां होने पर अधिक लोग एक साथ आवेदन नहीं कर पाते है। इस कार्यालय एवं पंजीयन विभाग के डाटा की शेयरिंग की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पंजीयन उपरांत नामान्तरण की रिक्वेस्ट स्वत: सम्बन्धित तहसीलदार को प्रदर्शित होने लगेगी।
12 फौती नामान्तरण अमल करते समय फौती हुए व्यक्ति के एक से अधिक खाते है तो उसके वारिसानों का प्रत्येक खाते के पृथक-पृथक आवदेन करना होगा जो व्यवहारिक नहीं है। पूर्व में फौती नामान्तरण खातेवार ही होती थी। यही व्यवस्था इस एप्लीकेशन में की गई है।
13 उपरोक्त एप्लीकेशन मे बशरह कन्सेप्ट पर कोई ध्यान नही दिया गया है। उदाहरण यदि किसी खाते दस सर्वे नंबर की जाति संशोधन करना चाहे को प्रत्येक सर्वे नंबर को ओपन करना होगा,तब जाति संशोधन की जा सकती है जो कि अत्याधिक समय की बर्बादी है। एप्लीकेशन बशरह कन्सेप्ट को लेकर ही तैयार कराया गया है। एप्लीकेशन में खातेवार जाति संशोधन समाहित हैं।
14 फसल प्रविष्टि करते समय अत्याधिक समय लग रहा है,जैसे सबसे पहले तहसील चुनेंगे,फिर हल्का चुनेगे,फिर ग्राम चुनेगे,फिर सर्वे नं., चुनेंगे,फिर कॉलम नं 5 व 6 में जायेगे फिर मौसम चुनेंगे,फिर फसल समूह चुनेंगे,फिर सिंचाई के साधन चुनेंगे, फिर फसल जोडेंगे,तब एक फसल की प्रक्रिया पूरी होगी। दूसरी फसल भरने के लिये प्रक्रिया का पुनः अनुसरण करना होगा। बल्क फसल प्रविष्टि की सुविधा एप्लीकेशन में है।
15 वर्तमान में तहसील कार्यालय में उपलब्ध कम्प्यूटर सिस्टम एवं नेट कनेक्टिविटि की स्पीड इस साफ्टवेयर को रन करने के लिये पर्याप्त नहीं है। सायबर रिकार्ड रुम में अपडेशन एवं नकल निकालने की दृष्टि से कम्प्यूटर की संख्या एवं रेम केपेसिटी भी अपर्याप्त है। जिले द्वारा उपलब्ध करायी गई SWAN कनेक्टिविटी पर वेण्डर के द्वारा प्रतिलिपियाँ नागरिकों को उपलब्ध करायी जा रही हैं। जिलों को इस कार्यालय द्वारा पूर्व में उपलब्ध कराए गए कम्प्यूटर वेब बेस्ड जी.आई.एस. पर कार्य करने के लिए उपयुक्त हैं। सायबर रिकॉर्ड रूम के लिए उपलब्ध कराए गए कम्प्यूटर उनसे अधिक आधुनिक तकनीक के हैं। कहीं-कहीं SWAN की गति के कारण यह समस्या हो सकती है।
16 पटवारी व्दारा रिकार्ड दुरुस्त कराने में सबंधित साफ्टवेयर में बंटाकन करने पर कैफियत को काँलम न.12 की जानकारी जैसे कि अहस्तातरणीय, बैक बंधक, बोर, मकान, पेड,पौधे खसरे से हट जाते है जो कि बहुत महत्वपूर्ण जानकारिया है। नई प्रविष्टि दर्ज करने पर पूर्व में NIC सॉफ्टवेयर द्वारा कॉलम 12 में की गयी पुरानी प्रविष्टि नहीं हटती है। बंटाकन उपरान्त बोर, मकान, पेड, पौधे, बैक बंधक अहस्तातरणीय आदि किसी एक खसरे मे दर्ज होंगे । बटांकन उपरान्त पटवारी को यह किसी एक खसरे में दर्ज करने होंगे क्योंकि एप्लीकेशन स्वतः नहीं बता सकता है की यह सब किस खसरे मे जायेगा।
17 काँलम न. 3 में सुधारकरने/नामातंरण करने पर प्रबन्धक कलेक्टर,बैक प्रबंधन खसरे से हट जाता है। काँलम न. 3 में सुधार करने हेतु, भूमि स्वामी सुधार Owner correction module की सुविधा उपलब्ध है। प्रबन्धक कलेक्टर,बैक प्रबंधन आदि स्वतः नहीं हटते है।
18 पूर्व में बंटाक किए गये फोरलाइन/एन एच7/रोड के खसरे मे यदि पूर्व से चार बंटाक है तथा नक्शा में दो बंटाक है तो नक्शो मे नये बंटाक करने की कोई सुविधा नही है । इस एप्लीकेशन में Map rectification module (नक्शें में पार्सल split/ merge हेतु) तथा Map clipping / update (नक्शे में नये पार्सल जोड़ने /बनाने हेतु) की सुविधा उपलब्ध है ।
19 यह कि खरीफ,विक्रय,बंटाक नामातरँ के पश्चात रकवे में कमी न होना नामातरण के पश्चात खसरे से रकवे मे कमी होन पर नये बंटाक करने के पश्चात भी पूर्व का रकवा प्रदर्शित हो रहा है।साथ ही नया रकवा बटांक भी प्रदर्शित हो रहा है । मूल खसरा नंबर तथा उसके बटांकन पूर्व में संचालित NIC सॉफ्टवेयर में वेलिडेशन नहीं होने के कारण उपलब्ध है । इस एप्लीकेशन में बटांकन के समय सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः नए खसरा नंबर दिए जाते है जो मूल खसरा नंबर को डीएक्टिवेट करके बनते है इस कारण से मूल तथा उसके बटांकन एक साथ नहीं प्रदर्शित होते है। इस एप्लीकेशन में मूल तथा उसके बटांकन को link करने की सुविधा बटांकन करते समय उपलब्ध है ।
20 खसरे मे फौती दुरुस्त न होना-खसरे में वारसानो के नाम अधिक होने पर साप्टवेयर व्दारा वारसानो के नाम स्वीकार नही किये जाते। उदाहरण ग्राम छनगवा रा.नि.मं मझगवा के खसरे में वर्तमांन में चालीस नाम है तथा फोती दर्ज करने तीन नाम और आना है जिसे साप्टवेयर में स्वीकार नही किया जा रहा है । भूमि स्वामी सुधार करने के लिए Owner correction module की सुविधा उपलब्ध है ।
21 सेवा खातेदारो के अभिलेख मे सुधार किए जाने पर उनका नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है । सेवा खातेदारो के अभिलेख सुधार करने के लिए शासकीय भूमि धारक सुधार की सुविधा उपलब्ध है । कृपया खसरे का भूमि प्रकार verify करे । खसरे का भूमि प्रकार गैर शासकीय हो सकता है ।
22 साप्टवेयर में नक्शे के क्रमांक Z1,Z2 आदि लिखे हुए है साप्टवेयर व्दारा नक्शे के सही क्रमांक लिखने का कोई सुविधा नही है । इस एप्लीकेशन में Map number / attribute update की सुविधा उपलब्ध है ।
23 कलेक्टर/अपर कलेक्टर के आदेशानुसार नक्शा सुधार का आदेश पारित कर दो बंटाकन किया जाना है लेकिन संबंधित साप्टवेयर में दो नक्शों के मर्ज करने की सुविधा नही है । इस एप्लीकेशन में Map rectification module (नक्शें में पार्सल split/ merge हेतु) की सुविधा उपलब्ध है ।
24 यदि किसी खसरे के वर्तमान में बंटाक हो गये है तो बटांक के अलावा अमूल खसरा न.एवं उसका पूर्ण रकवा भी प्रदर्शित हो रहा है । मूल खसरा नंबर तथा उसके बटांकन पूर्व में संचालित NIC सॉफ्टवेयर में वेलिडेशन नहीं होने के कारण उपलब्ध है | इस एप्लीकेशन में बटांकन के समय सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः नए खसरा नंबर दिए जाते है जो मूल खसरा नंबर को डीएक्टिवेट करके बनते है इस कारण से मूल तथा उसके बटांकन एक साथ प्रदर्शित नहीं होते है| इस एप्लीकेशन में मूल तथा उसके बटांकन को link करने की सुविधा बटांकन करते समय उपलब्ध है ।
25 यह कि तहसील सिहोरा अतर्गत एन एच 7 में भूमि स्वामी के भू-अर्जन होने के उपरात खसरे के काँलम न.3 में भूमिस्वामी के स्थान पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग भारत सरकार मे सस्था प्रदर्शित हो रहा है । भूमि स्वामी सुधार करने के लिए Owner correction module की सुविधा उपलब्ध है| भूमि स्वामी सुधार उपरान्त तहसीलदार द्वारा पुनः डिजिटली हस्ताक्षरित व्दारा अनुमोदित किया जा सकता है ।
26 खसरे मे बंटाकन के पश्चात नया नबंर जोडने का आँप्सन बंद कर दिया गय़ा है । नया खसरा नबंर जोडने की सुविधा उपलब्ध है ।
27 सॉफ्टवेयर मे खसरा नबंर जैडने का आँप्सन बंद है। शामिल खसरा न.का आँप्सन बंद है। खसरा सीमा सुधार बंद है। भूमी स्वामी विलय बंद है । नया खसरा नबंर जोडने की सुविधा उपलब्ध है ।
खसरा सीमा सुधार की सुविधा उपलब्ध है ।
भूमी स्वामी विलय का कार्य प्रगति पर है ।
28 अभिलेख में छूटे खसरे के बटे नबंर पाना संभव नहीं है । नया खसरा नबंर जोडने की सुविधा उपलब्ध है ।
29 खसरे की नकल के आवेदन का अनुमोदित करने की प्रकिया जटिल है क्योकि प्रत्येक खसरे की पृथक रुप से अनुमोदति करना होता है जबकि ये प्रक्रिया नक्शे अनुमोदन जैसी होनी चाहिए । अनुमोदन हेतु “बल्क अनुमोदन” की सुविधा उपलब्ध है ।
30 आँनलाइन खसरा सीरियल सिलसिलेवार नही है । एप्लीकेशन में बटांकन के समय सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः नए खसरा नंबर सिलसिलेवार दिए जाते है ।
31 डायवर्सन दर्ज करने की सुविधा नही है । डायवर्सन मॉड्यूल तैयार करने का कार्य प्रगति पर है ।
32 छूटे हुए खसरो को लाने की सुविधा नहीं है। बंधक दर्ज करने पर समस्त खसरे अपरुबल में नहीं आना । नया खसरा नबंर जोडने की सुविधा उपलब्ध है ।
खसरे में किसी भी कॉलम में संशोधन होने से खसरा को पुनः डिजिटली हस्ताक्षरित करना होता है ।
33 खसरा नबंर एव नक्शा क्रमांक में लिकिंग की समस्या बहुतायत है । NIC सॉफ्टवेयर में खसरा के साथ नक्शों को तरमीम करने की अनिवार्यता नहीं होने से जिलों द्वारा नक्शों को तरमीम नहीं किया गया है। उक्त सॉफ्टवेयर क्लाइन्ट / सर्वर बेस था, जिसकी अन्य विभागों के साथ सम्बद्धता नहीं थी ।
वेब बेस्ड जी.आई.एस. एप्लीकेशन की सम्बद्धता अन्य विभागों (पंजीयन, बैंक, राजस्व न्यायालय आदि) से की जाना है। अत: इन विभागों के साथ डाटा शेयर करने में आवश्यक है कि डाटा शत्-प्रतिशत् अद्यतन (नक्शा एवं खसरा एक दूसरे के अनुरूप अद्यतन हों) हों। इसलिए वर्तमान सॉफ्टवेयर में नक्शों को खसरे के अनुरूप अद्यतन करने को अनिवार्य किया गया है। इसके लिए पूर्व में खसरे में हुए संशोधनों को नक्शे में अमल करना होगा इस हेतु Map rectification module (नक्शें में पार्सल split/ merge हेतु)
Map number / attribute update
- Map number exchange (दो पार्सलों के नम्बर विनिमय हेतु)
- Map number update (नक्शे में पार्सल नम्बर सुधारने हेतु)
Map clipping / update (नक्शे में नये पार्सल जोड़ने /बनाने हेतु) मॉड्यूल उपलब्ध है ।
34 उडान नबंर के खसरे जो कि फीड नहीं है। वर्तमान सॉफ्टवेयर मे इनको पुन फीड करने का कोई आँप्सन नहीं है । नया खसरा नबंर जोडने की सुविधा उपलब्ध है।
नया खसरा जोड़ने उपरान्त खसरे को उड़ान खसरे मार्किंग किया जा सकता है ।
35 विशेषकर शहरी/नगरीय आबादी वाले क्षेत्रो में 0.02 हे.से कम रकवे वाले खसरा नंबर के नक्शो बंटाकित नही हो पा रहे है । शहरी/नगरीय आबादी वाले क्षेत्रो के लिए पृथक से नजूल मॉड्यूल तैयार करने का कार्य प्रगति पर है ।
36 खसरे न. नया नामातरण लंबित होने पर पूर्व में दर्ज सभी अनुमोदित रिकार्ड डिएक्टिवेट हो जाती है । इस एप्लीकेशन में बटांकन के समय सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः नए खसरा नंबर दिए जाते है जो मूल खसरा नंबर को डीएक्टिवेट करके बनते है इस कारण से मूल तथा उसके बटांकन एक साथ नहीं प्रदर्शित होते है| इस एप्लीकेशन में मूल तथा उसके बटांकन को link करने की सुविधा बटांकन करते समय उपलब्ध है ।
37 प्रत्येक 02 मिनट के अंतराल मे सेशन आउट हो जाता है जिससे डाटा अघतन मे परेशानी होती है । सेशन का टाइम बड़ा कार्य 20 मिनट कर दिया गया है ।
38 जिन खसरो में बटांक पूर्व में हो चुके है किन्तु नबंरो में बटाक दर्ज नही है उन खसरो में बटांक दर्ज करने के लिए सॉफ्टवेयर में बटवारे का आँप्सन आता है तो नक्शा ड्राप डाइन लिस्ट में होना जरुरी है किन्तु अधिकांश नक्शो ड्राप डाउन लिस्ट में दर्ज नही है अत उनका बटाक संभव नही हो पा रहा है । नया खसरा नबंर जोडने की सुविधा उपलब्ध है ।
39 मूल खसरा नबंर के बटांक होने के पश्चात के पश्चात मूल खसरा नबंर परिवर्तित हो जाता है या रिकार्ड परिवर्तित किया जाता है। किन्तु आँनलाइन बेव जी.आई.एस सॉफ्टवेयर के पूर्व रिकार्ड संधारण के समय मूल नबंर को यथावत रखते हुए उसके बटांक कर दिए गए है। वर्तमान भू-अभिलेख रिकार्ड (शहरी क्षेत्र नजूल) में कई खसरा नबंरो के कई बटांक हो चुके है, जिससे बेब जी.आई.एस सॉफ्टवेयर में न्यायालयीन आदेश दुरुस्त नही हो पा रहे है । इस एप्लीकेशन में बटांकन के समय सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः नए खसरा नंबर दिए जाते है जो मूल खसरा नंबर को डीएक्टिवेट करके बनते है इस कारण से मूल तथा उसके बटांकन एक साथ नहीं प्रदर्शित होते है| इस एप्लीकेशन में मूल तथा उसके बटांकन को link करने की सुविधा बटांकन करते समय उपलब्ध है ।


  1. आवेदन के लिये कैसे रजिस्टर करें ?
    How to register into the application?


    MP WebGIS वेबसाइट (mpbhulekh.gov.in) पर जाएं और “अकाउंट पंजीकरण” पर क्लिक करें | अकाउंट पंजीकरण से सम्बंधित सभी आवश्यक जानकारी दर्ज करें | आपका पासवर्ड आपके द्वारा प्रदान की गयी ईमेल आईडी पर भेज दिया जाएगा |

    Visit MP WebGIS website (mpbhulekh.gov.in) and click on “Account Registration”. Provide all required information to pertaining to account registration. Your password will be mailed to your email id provided by you.

  2. अपना पासवर्ड भूल जाने या खो जाने की स्तिथि में पुनः कैसे प्राप्त कर सकते हैं ?
    How to retrieve password in case lost or forgotten?


    MP WebGIS वेबसाइट (mpbhulekh.gov.in) के होम पेज पर जाएं | होम पेज पर "Forgot Password" लिंक पर क्लिक करें | पॉप अप विंडो में उपयोगकर्ता नाम और उपयोगकर्ता के प्रकार दर्ज करें और सबमिट करें | पासवर्ड पंजीकरण के समय आप के द्वारा प्रदान की गयी ईमेल पर भेज दिया जाएगा |

    Visit Home page of MP WebGIS website (mpbhulekh.gov.in) and click on “Forgot Password” link. Enter username and type of user in pop up window and submit it. Password will be sent to the email provided by you during account registration.

  3. आप अपनी शिकायत कैसे रजिस्टर कर सकते हैं ?
    How can you register your Grievance?


    MP WebGIS वेबसाइट (mpbhulekh.gov.in) के होम पेज पर जाएं | होम पेज पर " ऑनलाइन शिकायत" आईकॉन पर क्लिक करें | शिकायत आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी दर्ज करने के पश्चात उपरोक्त फॉर्म जमा करें | एक युनीक शिकायत आईडी प्रदान किया जाएगा जिससे आप अपनी शिकायत ट्रैक कर सकते हैं |

    Visit Home page of MP WebGIS website (mpbhulekh.gov.in) and click on “ऑनलाइन शिकायत” icon. Fill the required details in Grievance Application Form & submit it. A unique Grievance ID will be provided to track your grievance.

  4. आप खसरा विवरण कैसे देख सकते हैं ?
    How can you view Khasra details?


    MP WebGIS वेबसाइट (mpbhulekh.gov.in) के होम पेज पर जाएं | होम पेज पर “निशुल्क सेवा" आईकॉन पर क्लिक करें | सम्बंधित जिला, तहसील, रा. नि. मं., पटवारी हल्का , गांव और खसरा का चयन करने के पश्चात, आप खसरे का विवरण देख सकते हैं | इस जानकारी को देखने के लिए रजिस्टर करने की आवश्यकता नहीं है |

    Visit Home page of MP WebGIS website (mpbhulekh.gov.in) and click on “निशुल्क सेवा” icon. Select District, Tehsil, R.I.Circle, Patwari Halka, Village and Khasra Number pertaining to a particular Khasra to view Khasra details. You need not to register to view this detail.

  5. आप नामांतरण के लिए कैसे अनुरोध कर सकते हैं ?
    How can you request for Mutation?


    आवेदक आईटी केंद्र में जा कर नामांतरण हेतु लिखित आवेदन दे सकता है एवं जिसके पश्चात आई. टी. सेंटर ऑपरेटर आवेदन प्राप्ति पावती प्रदान करेगा | ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के पश्चात भी आवेदक स्वयं नामांतरण हेतु आवेदन कर सकता है | जिसके लिए सम्बंधित जिला, तहसील, रा. नि. मं., पटवारी हल्का , गांव और खसरा का चयन करने के पश्चात, आवेदक नामांतरण हेतु आवेदन दे सकता है | इस सेवा हेतु एक युनीक रिक्वेस्ट आईडी प्रदान किया जाएगा जिससे आप अपनी नामांतरण की स्तिथि ट्रैक कर सकते हैं |

    Applicant can visit to IT Center & make written request for Mutation, after which IT Center Operator shall provide Acknowledgement Receipt for the same. Applicant can also request for Mutation after Online Registration. Select respective District, Tehsil, R.I.Circle, Patwari Halka, Village and Khasra Number pertaining to Mutation and request for Mutation. Applicant shall be provided with a unique Request ID You by which he/she can track the Mutation Status.

  6. पब्लिक यूजर कौन है ?
    Who is Public User?


    विभागीय एवं आई. टी. सेंटर यूजर के अतिरिक्त, वे उपयोगकर्ता जो मध्य प्रदेश भू-अभिलेख के बारे में कोई जानकारी चाहते हैं, पब्लिक यूजर है |

    Except for Departmental & IT Center User, those who want any information with respect to Land Records of Madhya Pradesh are called Public User.

  7. आई. टी. सेंटर यूजर कौन है ?
    Who are IT Centre User / Operator?


    आई. टी. सेंटर यूजर, वह उपयोगकर्ता हैं जो की मध्य प्रदेश के प्रत्येक तहसील कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं एवं भूमि सम्बंधित ट्रांसक्शन के लिए नागरिकों से अनुरोध ग्रहण करते हैं |

    IT Center User / Operator are computer operators who accept the request from citizens towards transaction related to Land Records at each Tehsil of Madhya Pradesh.

  8. विभागीय यूजर कौन है ?
    Who is Departmental User?


    सरकारी अधिकारी जैसे भू-अधीक्षक, तहसीलदार, नायब तहसीलदार , पटवारी आदि जो भू-अभिलेखों को संचालित करते हैं, वे विभागीय यूजर हैं |

    Government officials like SLR, Tehsildar, Nayab Tehsildar, Patwari etc who manages the Land Records are Departmental users.

  9. एडमिन यूजर कौन है ?
    Who is Admin User?


    एडमिन यूजर / उपयोगकर्ता वह है जो विभिन्न उपयोगकर्ताओं जैसे कि आईटी उपयोगकर्ता / विभागीय उपयोगकर्ता के विवरण को संशोधित करता है एवं इन उपयोगकर्ताओं के लिए भूमिका आवंटित करता है |

    Admin User is that user who can create/modify details of different users like IT user / department user and assigns role and responsibilities to these users.

  10. बी-1 क्या है ?
    What is B1?


    धारकवार राजस्व संग्रह रजिस्टर को बी-1 कहते हैं एवं यह वार्षिक आधार पर बनाया जाता है |

    B1 is defined as the Holder Wise Revenue Collection Register and is maintained in yearly basis.

  11. खसरा क्या है ?
    What is Khasra?


    खसरा वह रिकॉर्ड है ,जिसमें विशेषतः भूमि के विवरण के संबंध में उल्लेख होता है, जैसे कि : - सर्वे नम्बर , नाम , पिता का नाम , पते की जानकारी , भूमि , मिट्टी के प्रकार , भू-राजस्व , फसल विवरण और सिंचाई के स्रोत आदि |

    Khasra is a record or a type of field book in which the attribute details of all the lands are mentioned, with respect to its corresponding Village, e.g.:- Survey No, Name, Father’s Name, address details, Area of Land, Type of Soil , Land Revenue, Crop Details and Source of Irrigation.

  12. नामांतरण क्या है ?
    What is Mutation?


    क्षेत्र पुस्तिका एवं अन्य सुसंगत भू-अभिलेखों में दर्ज नाम के स्थान पर विधिक रूप से किसी अन्य व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का नामों का लिखा जाना नामांतरण कहलाता है |

    After Sale/Purchase, Death of Owner of a property Mutation is done to register the ownership rights.

  13. अनुरोध संख्या क्या है ?
    What is Anurodh Sankhya (Request ID)?


    अनुरोध करने के पश्चात सिस्टम द्वारा एक यूनिक नंबर जेनरेट होता है, जिसे अनुरोध संख्या कहा जाता है |

    After logging of request a unique number is generated by the system, which is called as the Anurodh Sankhya (Request ID).

  14. आवेदक अपने अनुरोध / ट्रांसक्शन की स्थिति को कैसे ट्रैक कर सकता है ?
    How an Applicant can track his/her Request / Transaction Status?


    आवेदक अनुरोध / ट्रांसक्शन को दो तरीके से ट्रैक कर सकता है :
    • MP WebGIS वेबसाइट (mpbhulekh.gov.in) के होम पेज पर अनुरोध नम्बर प्रदान करके अनुरोध की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं |
    • आवेदक आईटी केंद्र पर जा कर , आईटी उपयोगकर्ता को अनुरोध संख्या प्रदान करने के बाद , आईटी उपयोगकर्ता "अनुरोध खोज" के माध्यम से अनुरोध / ट्रांसक्शन को स्थिति ट्रैक करके जानकारी प्रदान कर सकता है |

    Applicant can track request / transaction in two ways as follows:
    • By entering the Request Id in the Home page of MP WebGIS website (mpbhulekh.gov.in).
    • Applicant can visit to IT Center and provide them the Request Number. IT Center User can provide the status on Request / Transaction via the link "अनुरोध खोज".

  15. नामांतरण के लिये क्या क्या आधार हैं ?
    What are the bases for Mutation?

    निम्नलिखित में से किसी एक के आधार पर नामांतरण कराया जा सकता है :उत्तराधिकारी

    • कौटुम्भिक व्यवस्था
    • क्रय / विक्रय
    • डिक्री
    • दत्तक
    • दान
    • नीलामी
    • फोती
    • बंधक पत्र
    • भू-अर्जन
    • भू-अर्जन
    • भू -आवंटन
    • वसीयत
    • हक़ त्याग

    Based on any one of the following Mutation can be done:

    • Division / Partition
    • Sale / Purchase / Government Patta
    • Legal possession due to Will or Succession
    • Donation
    • Land acquisition by the Government
    • Decree
    • Auction
    • Lease
    • Death
  16. नामांतरण के लिये आवश्यक दस्तावेज क्या हैं ?
    What are the documents required for Mutation?


    नामांतरण के लिए आवश्यक दस्तावेज़ नामांतरण के आधार पर निर्भर करता है | निम्नलिखित दस्तावेज़ों केआधार पर नामांतरण कराया जा सकता है:


    • खसरा की प्रतिलिपि
    • B1 की प्रतिलिपि
    • भू - अधिकार एवं ऋण पुस्तिका
    • विक्रय पत्र
    • डिक्री की प्रतिलिपि
    • वसीयत की प्रतिलिपि
    • दान पत्र
    • मत्यृ प्रमाण पत्र
    • बंधक पत्र
    • अन्य

    Documents required for Mutation depends on the base of Mutation. Mutation can be done on the basis of following documents:

    • Copy of Khasra
    • Copy of B1
    • Bhu-Adhikar evam Rin Pustika
    • Sale Deed
    • Copy of Decree
    • Copy of Will
    • Copy of Donation
    • Death Certificate
    • Mortgage Copy
    • Others

  17. नामांतरण के लिए क्या कोई शुल्क देना होता है ?
    Is there any fees charged for Mutation ?

    नामांतरण के लिए कोई शुल्क नहीं है | यह निशुल्क है |
    There are no fees/charges for Mutation. It is free of cost.
  18. नामांतरण परिवर्तन के लिए समय सीमा क्या है ?
    What is the time limit for Mutation?


    अविवादित नामांतरण के लिए 45 दिन की समय सीमा है |
    For undisputed Mutation 45 days is the time limit.

  19. आप नामांतरण के लिए कैसे अनुरोध कर सकते हैं ?
    How can you request for Mutation?


    आवेदक आईटी केंद्र में जाकर नामांतरण हेतु लिखित आवेदन दे सकता है एवं जिसके पश्चात आई. टी. सेंटर ऑपरेटर आवेदन प्राप्ति पावती प्रदान करेगा | ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के पश्चात भी आवेदक स्वयं नामांतरण हेतु आवेदन कर सकता है | जिसके लिए सम्बंधित जिला, तहसील, रा. नि. मं., पटवारी हल्का , गांव और खसरा का चयन करने के पश्चात, आवेदक नामांतरण हेतु आवेदन दे सकता है | इस सेवा हेतु एक यूनिक रिक्वेस्ट आई डी प्रदान किया जाएगा जिससे आप अपनी नामांतरण की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं |

    Applicant can visit to IT Center & make written request for Mutation, after which IT Center Operator shall provide Acknowledgement Receipt for the same. Applicant can also request for Mutation after Online Registration. Select respective District, Tehsil, R.I.Circle, Patwari Halka, Village and Khasra Number pertaining to Mutation and request for Mutation. Applicant shall be provided with a unique Request ID You by which he/she can track the Mutation Status.

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